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  • More Than 4 Thousand Cows In Agar’s Sanctuary; But Cows Have To Be Found To Worship Shivraj

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भोपाल/आगर18 मिनट पहलेलेखक: राजेश शर्मा

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भास्कर टीम जब आगर अभयारण्य पहुंची तो यहां दो गायों के शव पड़े थे। इन्हें कुत्ते नोच रहे थे।

  • मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को आगर अभयारण्य में गायों की पूजा करेंगे
  • भास्कर की टीम ने अभयारण्य का दौरा किया, देखा कि गायों के शवों को कुत्ते नोच रहे

आगर के गो अभयारण्य में रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गायों की पूजा करेंगे। अभी तक कार्यक्रम न तो आधिकारिक है और न ज्यादा लंबा-चौड़ा, पर लापरवाही के चलते प्रशासन के माथे पर सिलवटें पड़ी हुई हैं। 4 हजार गोवंश वाले इस अभयारण्य में पूजा के लिए 21 स्वस्थ गायों को ढूंढना पड़ा, क्योंकि यहां की ज्यादातर गायों की सेहत खराब है।

सीएम रविवार को भोपाल में पहली गो-कैबिनेट की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करेंगे। बैठक सुबह 11 बजे होगी। हालांकि, विभाग के मंत्री और सचिव आगर अभयारण्य में मौजूद रहेंगे। पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने बताया कि गो-कैबिनेट का प्रेजेंटेशन वे आगर से करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री भोपाल में अपने निवास से जुड़ेंगे। उधर, CM ऑफिस इससे अलग बात कह रहा है। यहां के अफसरों का कहना है कि गो-कैबिनेट आगर में ही होगी। सीएम दोपहर 12 बजे आगर जाकर रिसर्चर्स से मिलेंगे और गायों की पूजा भी करेंगे।

अभयारण्य में कई गायों की सेहत बेहद खराब दिखाई दी।

अभयारण्य में कई गायों की सेहत बेहद खराब दिखाई दी।

अफसरों का दावा- अभयारण्य में स्वस्थ गायें भी हैं
हफ्तेभर से सीएम के प्रोग्राम की तैयारी चल रही है और अभयारण्य की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि अभयारण्य में आवारा मवेशी लाए जाते हैं। ऐसे में ज्यादातर की सेहत कमजोर होती है। अफसरों ने ये दावा भी किया कि ऐसा नहीं है कि अभयारण्य में स्वस्थ गायें ही नहीं हैं।

भास्कर की टीम पहुंची, लापरवाहियां ही नजर आईं
जब भास्कर की टीम अभयारण्य पहुंची तो लापरवाहियां साफ नजर आईं। आला अधिकारी दौरा कर चुके हैं, पशु चिकित्सा और पशुपालन विभाग के अफसर भी यहां आ चुके हैं, लेकिन गायों की मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा है। सबसे बड़ी लापरवाही मृत गायों की अंतिम क्रिया को लेकर है। गायों को समाधि देने का स्थान तय है। प्रक्रिया के मुताबिक, गड्ढा बनाकर और गाय के वजन के बराबर नमक डालकर समाधि दी जाती है। लेकिन, हमें यही नजर आया कि मृत गायों को यहां लाकर बस डाल दिया जाता है। अस्थियां बिखरी थीं और दो गायों के शवों को कुत्ते नोच रहे थे।

अफसर कहते हैं कि गायों को सुबह नहलाकर डॉक्टरों की मदद से स्वस्थ करने का प्रयास किया जा रहा है। परिसर की सफाई और रंग-रोगन भी हो रहा है, लेकिन भास्कर की टीम ने देखा कि भूसे तक की कमी है। भूसे के शेड खाली थे। दो दिन पहले ही 10 गायों की मौत हुई है, पर अभी भी कई गायें बीमार हैं।

अभयारण्य परिसर में ही गायों की अस्थियां दिखाई दीं।

अभयारण्य परिसर में ही गायों की अस्थियां दिखाई दीं।

अभयारण्य में 6 हजार गायों के लिए 24 शेड

  • कामधेनु गो अभयारण्य 472 हैक्टेयर इलाके में फैला है।
  • यहां गो अनुसंधान केंद्र शुरू किया जा सकता है।
  • अभयारण्य 2017 में 38 करोड़ की लागत से बनाया गया।
  • यहां 6 हजार गायें रखी जा सकती हैं। इसके लिए 24 शेड बने हैं।
  • अभी यहां करीब 4 हजार गायें हैं।
  • अभयारण्य की देखभाल और साफ-सफाई के लिए 96 वर्कर आउटसोर्सिंग कर रखे गए हैं। दो डॉक्टर और 4 सहायक डॉक्टर भी हैं।



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