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डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी

नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल के ऊंचे दाम और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से स्थानीय अंतर बैंकिंग विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 18 पैसे लुढ़कर 74.36 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा डीलरों के मुताबिक घरेलू शेयर बाजार में जारी तेजी और सतत विदेशी मुद्रा प्रवाह के चलते रुपये की गिरावट काफी हद तक सीमित रही है। स्थानीय अंतर बैंकिंग विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर-रुपये में कारोबार की शुरुआत 74.24 रुपये पर हुई और कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 74.18 रुपये और नीचे में 74.50 रुपये प्रति डॉलर तक गिर गया था। कारोबार की समाप्ति पर अंत में यह 74.36 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह स्तर पिछले बंदभाव की तुलना में 18 पैसे की गिरावट दर्शाता है। इससे पहले मंगलवार को रुपया 74.18 रुपये प्रति डालर पर बंद हुआ था।

वहीं दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के समक्ष डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.15 प्रतिशत बढ़कर 92.87 अंक पर पहुंच गया। इस बीच कच्चे तेल का वैश्विक बैंच मार्क ब्रेंट कच्चा तेल वायदा भाव 3.26 प्रतिशत बढ़कर 45.03 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयरखान बॉय बीएनपी पारिबा के शोध विश्लेषक सैफ मुकादाम ने कहा, ‘‘कच्चे तेल के दाम बढ़ने और डॉलर के मजबूत होने से भारतीय रुपये में गिरावट रही। इसके साथ ही दुनिया के कई देशों में कोविड- 19 मामलों के बढ़ने और इस स्थिति में वैश्विक अर्थव्यवस्था के बेहतर होने को लेकर बढ़ती चिंताओं से भी रुपये में गिरावट रही।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बाजार में खुदरा मुद्रास्फीति और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक जैसे अहम आर्थिक आंकड़ों के आने से पहले सतर्कता का भी रुझान रहा। अगले कुछ दिनों के कारोबार में रुपया डालर के मुकाबले 73.80 से लेकर 74.80 रुपये प्रति डालर के दायरे में रह सकता है।’’ एचडीएफसी सिक्युरिटीज के खुदरा शोध प्रमुख देवर्ष वकील ने कहा कि कच्चे तेल के दाम में आये उछाल को देखत हुये और डालर सूचकांक में आई वृद्धि से भारतीय रुपया भी अन्य एशियाई मुद्राओं की तरह गिरावट में रहा।





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