एडवाइजरी में कहा गया है कि अक्टूबर महीने में भले ही कोरोना मरीजों की संख्या में कमी आई हो लेकिन यूरोप जैसे देशों में कोरोना की दूसरी लहर देखने मिली है. इस उदाहरण को देखते हुए महाराष्ट्र में जनवरी और फरवरी के महीने में कोरोना की दूसरी लहर आ सकती है.



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