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कोरोना काल से पहले एक कार्यक्रम मेें पीएम मोदी और वित्‍त मंत्री न‍िर्मला सीतारमण चर्चा करते हुुुुए। (च‍ित्र प्रतीकात्‍मक)

नई दिल्‍ली। मोदी सरकार की देशवासियों को दीपावली से पहले एक बड़ा दिवाली उपहार देने की योजना है। सीएनबीसी के सूत्रों के मुताबिक एक और राहत पैकेज का ऐलान एक-दो दिन में हो सकता है। सरकार दिवाली से पहले ही राहत पैकेज का ऐलान कर सकती है। कोरोना संकट में पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था को सही रास्ते पर लाने के लिए मोदी सरकार करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये के एक और राहत पैकेज का ऐलान कर सकती है।  

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने भी ऐसा दावा किया है। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्य शीर्ष अधिकारी गुरुवार को ही इस पैकेज को अंतिम रूप देंगे। इस पैकेज में रोजगार सृजन और संकटग्रस्‍त सेक्टर्स को राहत देने पर जोर हो सकता है।  

सूत्रों ने इस पैकेज के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी लेकिन कहा कि इसका मकसद कोरोना वायरस महामारी से संकट में फंसे सेक्टर्स को राहत देना है। साथ ही इसमें रोजगार सृजन पर जोर होगा। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन से देश की अर्थव्‍यवस्‍था बुरी तरह प्रभावित हुई है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी में करीब 24 प्रतिशत की गिरावट आई है।

बुधवार को ही सरकार ने 10 सेक्टर्स के लिए करीब 2 लाख करोड़ रुपये के प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव्स (पीएलआई) की घोषणा की है। कोरोना संकट से अभी देश को मुक्ति मिलती नहीं दिख रही। सूत्रों के मुताबिक अगले राहत पैकेज में दो मुद्दों पर खास फोकस रहने वाला है। पहला मुद्दा है रोजगार। ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार कैसे दिया जाए इस पर इस राहत पैकेज में खास फोकस हो सकता है। इसके लिए सरकार पीएफ (प्रोविडेंड फंड) के जरिये 10 प्रतिशत सब्सिडी देने का ऐलान कर सकती है। यानी जो नए कर्मचारी होंगे उनके पीएफ का 10 प्रतिशत हिस्सा सरकार देगी और नियोक्‍ता का जो योगादान होता है उसमें भी सरकार 10 प्रतिशत हिस्सा देगी। सरकार के अगले ऐलान में इस तरह का राहत पैकेज दिया जा सकता है। इसको सरकार प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना के तहत नए रूप में पेश कर सकती है।

दूसरे कदम के तहत सरकार केवी कामथ कमेटी द्वारा पहचाने गए सभी 26 दबाव और परेशानी से गुजर रहे सेक्टर्स के लिए इमरजेंसी क्रेडिट का प्रावधान कर सकती है। इसके अलावा अलग-अलग सेक्टर के लिए अलग-अलग राहत प्रावधान भी किए जा सकते हैं। गौरतलब है कि कैबिनेट ने बुधवार को ही 10 सेक्टर्स में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव्स लागू करने की भी मंजूरी दी है।





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